यूपी विधानसभा में डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक की मुलायम सिंह यादव पर की गई एक टिप्पणी के चलते जमकर हंगामा हुआ. समाजवादी पार्टी ने ब्रजेश पाठक की टिप्पणी विरोध करते हुए सदन में जमकर नारेबाजी की. स्थिति ऐसी बन गई स्पीकर सतीश महाना को बीच-बचाव करना पड़ा. एक समय तो वो गुस्से से लाल होकर चेयर से उठ गए थे. हालांकि, किसी तरह मामला शांत हुआ और उन्होंने फैसला लिया कि पाठक की मुलायम यादव पर की गई टिप्पणी विधानसभा की कार्यवाही का हिस्सा नहीं होगी.
दरअसल, मामले ने उस वक्त तूल पकड़ा जब ब्रजेश पाठक सदन में बोल रहे थे. उन्होंने इशारों में समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव के 'लड़कों से गलती हो जाती है' वाले बयान का जिक्र कर सपा पर तंज कस दिया, जिसके बाद सपाई भड़क उठे और उन्होंने हंगामा, नारेबाजी शुरू कर दी.
स्पीकर सतीश महाना ने मामले को शांत कराने की कोशिश की और बार-बार कहा कि बात को निगेटिव मत लीजिए लेकिन सपाई नहीं माने. जिसपर स्पीकर ने विधानसभा की कार्यवाही स्थगित कर दी. वे गुस्से में कुर्सी छोड़ खड़े हो गए. सतीश महाना ने सपाइयों से पूछा बताइए क्या अपमान किया है, मै मंगवाऊंगा माफी.
मामले में डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा- "समाजवादी पार्टी के विधायक सदन में व्यवधान डालते हैं और असंसदीय व्यवहार करते हैं, हमारी सरकार सदन चलाने के लिए प्रतिबद्ध है, मैंने किसी का नाम नहीं लिया, मैं सभी का सम्मान करता हूं..."
वहीं, विवाद बढ़ता देख वित्तमंत्री सुरेश खन्ना ने मोर्चा संभाला. उन्होंने कहा कि सदन में किसी का नाम नहीं लिया गया. मुलायम सिंह सबके आदरणीय नेता हैं.
उधर, नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने कहा कि नेता जी सम्मानित व्यक्ति रहे हैं, उनके लिए इस तरह की बात नहीं की जानी चाहिए, मंत्री जी ने जानबूझकर ऐसा बोला कि विवाद हो जाए. माफी मंगनी चाहिए उनको. नारे लगाते हुए सपाइयों ने कहा- 'नेता जी का ये अपमान नहीं सहेंगे नहीं सहेंगे.'